बालों को काला करने के लिए रोज करें ये योगासन | साथ में शरीर को रखें निरोगी | 

 अगर आप भी सफेद बालों से परेशान हैं तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं हैं क्‍योंकि आज हम आपके लिए एक ऐसा नायाब नुस्‍खा लेकर आये हैं जिससे आप कुछ ही दिनों में अपने सफेद बालों को काला कर सकते हैं। शायद आपको विश्‍वास नहीं हो रहा होगा लेकिन यह सच हैं। इसके लिए आपको ज्‍यादा मेहनत करने की भी जरूरत नहीं हैं। आप सिर्फ दो योगासन की मदद से अपने सफेद बालों को काला कर सकते हैं। जी हां बालों का सफेद होना पहले उम्र की निशानी माना जाता था लेकिन आज के समय में सफेद बाल से हर उम्र का व्‍यक्ति परेशान हैं। यहां तक कि कम उम्र के बच्‍चों को भी इस समस्‍या ने परेशान कर रखा है। जिसके चलते कम उम्र में लोग अपने बालों को काला करने के लिए बाजार से लेकर केमिकल युक्‍त हेयर कलर लगा लेते हैं। जिससे बाल कुछ समय के लिए तो काले हो जाते हैं लेकिन कुछ दिनों में फिर से बाल वैसे ही या उससे ज्‍यादा सफेद हो जाते हैं। और केमिकल युक्‍त कलर के बालों में साइड इफेक्‍ट देखने को मिलते हैं वह अलग। इन आसनो के द्वारा आपके उड़े हुए बाल भी वापिस आने लगेंगे | आइये आपको बताते है उन योगासनों के बारे में |  

कपालभाति:-

 
कपालभाति को प्राणायाम एवं आसान से पहले किया जाता है। यह समूचे मस्तिष्क को तेजी प्रदान करती है तथा निष्क्रिया पड़े उन मस्तिष्क केंद्रों को जागृत करती है जो सूक्ष्म ज्ञान के लिए उत्तरदायी होते हैं। कपालभाति में सांस उसी प्रकार ली जाती है, जैसे धौंकनी चलती है। सांस तो स्वतः ही ले ली जाती है किंतु उसे छोड़ा पूरे बल के साथ जाता है। कपाल का अर्थ है खोपड़ी तथा भाति का अर्थ है चमकना। चूंकि इस क्रिया से सिर चमकदार बनता है अतः इसे कपालभाति कहते हैं। इससे हमरे बाल काले हो जाते है |  

विधि:- 

  1. किसी ध्यान की मुद्रा में बैठें, आँखें बंद करें एवं संपूर्ण शरीर को ढीला छोड़ दें।
  2. दोनों नोस्ट्रिल से सांस लें, जिससे पेट फूल जाए और पेट की पेशियों को बल के साथ सिकोड़ते हुए सांस छोड़ दें।
  3. अगली बार सांस स्वतः ही खींच ली जाएगी और पेट की पेशियां भी स्वतः ही फैल जाएंगी। सांस खींचने में किसी प्रकार के बल का प्रयोग नहीं होना चाहिए।
  4. सांस धौंकनी के समान चलनी चाहिए।
  5. इस क्रिया को तेजी से कई बार दोहराएं। यह क्रिया करते समय पेट फूलना और सिकुड़ना चाहिए।
  6. शुरुवाती दौर इसे 30 बार करें और धीरे धीरे इसे 100-200 तक करें।अगर आपके पास समय है तो रुक रुक कर इसे आप 5 से 10 मिनट तक कर सकते हैं।
 लाभ :- 
  • यह आपके बालों के लिए बहुत अच्छा है। यह बालों को काला, घना और उड़ते बालों को रोकता है |
  • यह क्रिया अस्थमा के रोगियों के लिए एक तरह रामबाण है। इसके नियमित अभ्यास से अस्थमा को बहुत हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
  • कपालभाति से श्वसन मार्ग के अवरोध दूर होते हैं तथा इसकी अशुद्धियां एवं बलगम की अधिकता दूर होती है।
  • यह शीत, राइनिटिस (नाक की श्लेष्मा झिल्ली का सूजना), साइनसाइटिस तथा श्वास नली के संक्रमण के उपचार में उपयोगी है।
  • यह उदर में तंत्रिकाओं को सक्रिय करती है, उदरांगों की मालिश करती है तथा पाचन क्रिया को सुधारती है।
  • यह फेफड़ों की क्षमता में वृद्धि करती है।
  • यह साइनस को शुद्ध करती है तथा मस्तिष्क को सक्रिय करती है।
  • यह पाचन क्रिया को स्वस्थ बनाता है।
  • माथे के क्षेत्र में यह विशेष प्रकार की जागरुकता उत्पन्न करती है तथा भ्रूमध्य दृष्टि के प्रभावों को बढ़ाती है।
  • यह कुंडलिनीशक्ति को जागृत करने में सहायक होती है।
  • यह कब्ज की शिकायत को दूर करने के लिए बहुत लाभप्रद योगाभ्यास है। 
शीर्षासन :-
शीर्षासन के जितने भी फायदे गिनाये जाएं कम है। इसके  लाभ और उपयोगिता इस बात से समझा जा सकता है कि आसनों की दुनिया में इस योगाभ्यास को राजा के नाम से जाना जाता है। वैसे पहले पहले लोग इस आसन के अभ्यास से घबराते हैं। लेकिन इसके करने के तरीके पता हो तो इसको बहुत आसानी के साथ प्रैक्टिस किया जा सकता है। और इस योग का ज़्यदा से ज़्यदा फायदा उठाने के लिए जरूरी है इसको सही विधि के साथ किया जाए। यहां पर आपको शीर्षासन के सरल तरीके बताये जा रहे हैं। शीर्ष का मतलब होता है सिर (माथा) और आसन योगाभ्यास के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

विधि :- 
  1.  पहले आप अपने योग मैट के सामने  बैठ जाए।
  2. अब आप अपने अंगुलियों को इन्टर्लाक करें और अपने सिर को उस मैट पर रखें।
  3. धीरे धीरे अपने पैरों को इन्टर्लाक अंगुलियों का मदद लेते हुए ऊपर उठायें और इसे सीधा करने की कोशिश करें।
  4. शरीर का पूरा भार अब आप इन्टर्लाक किये हुए अंगुलियों और सिर पर लें।
  5. इस अवस्था में कुछ देर तक रुकें और फिर धीरे धीरे घुटनों को मुड़ते हुए पैरों को नीचे लेकर आयें।
  6. यह एक चक्र हुआ है ।आप इसे 3 से 5 बार कर सकते हैं। इसे हमने बोहत सावधानी पूवक करना है | ताकि हमें कोई चोट न आये |  
लाभ :- 
  •  शीर्षासन बालों को सूंदर बनाता है। शीर्षासन अभ्यास से मस्तिष्क वाले भाग में ऑक्सीजन का प्रवाह अधिक हो जाता है और मस्तिष्क को उपयुक्त पोषक तत्व पहुँचता है। शीर्षासन न केवल बालों के झड़ने को ही नहीं रोकता बल्कि बालों से सम्बंधित और समस्याओं जैसे काले व घने बाल, लम्बे बाल, बालों का कम झरना, बालों को सफेद होने से रोकना इत्यादि में काम आता है।
  • बालों को घने और सुंदर काले बनता है |
  • यह आपके त्वचा को मुलायम, खूबसूरत और ग्लोइंग प्रदान करता है। इसके अभ्यास से चेहरे वाले हिस्से में खून का बहाव अच्छा हो जाता है और शरीर के पुरे अग्र भाग में पोषक तत्व सही रूप में पहुँच पाता है।
  • यह आसन तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है।
  • मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करता है और शरीर के वजन को बढ़ने से रोकता है।
  • यह पीयूष (पिटुइटरी) ग्रंथि एवं शीर्ष ग्रंथि के कामकाज को बेहतर करता है | 



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